पटना, जुलाई 20 -- प्रज्ञा संस्थान ने चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान के सहयोग से सोमवार को 'मखाना संवाद' कार्यक्रम किया। इसमें मखाना उत्पादकों, व्यापारियों, उद्यमियों, शोधकर्ताओं और नीति-निर्माताओं ने मखाना के बाजार को मजबूत बनाने पर चर्चा की। कार्यक्रम में मखाना के दामों में उतार-चढ़ाव, गुणवत्ता मानकों का अभाव, परिवहन और लॉजिस्टिक्स की समस्याओं पर विचार हुआ। ब्रांडिंग, पैकेजिंग, निर्यात और गुणवत्ता जांच के लिए आधुनिक प्रयोगशालाओं की जरूरत पर भी बल दिया गया। भारत सरकार में पेटेंट और ट्रेडमार्क विभाग के प्रमुख प्रो. उन्नत पंडित ने मखाना को भारत का वैश्विक सुपरफूड बताते हुए ब्रांडिंग, गुणवत्ता मानक, बौद्धिक संपदा अधिकार, नवाचार और वैज्ञानिक शोध पर जोर दिया। सीआईएमपी ने के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कुमोद कुमार ने सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई। ...