रामपुर, जनवरी 31 -- रामपुर। जब-जब सिस्टम पंगु होने लगता है, माफिया हावी हो जाते हैं। रामपुर में यही स्थिति है। यहां लकड़ी तस्कर न सिर्फ सिस्टम पर भारी पड़ रहे हैं बल्कि, पर्यावरण को भी खतरा पहुंचा रहे हैं। आए दिन कभी वन कर्मियों पर फायरिंग करते हैं तो कभी रौंदने की कोशिश। गुरुवार को भी यही सब हुआ। बावजूद इसके कोई एफआईआर तक नहीं हुई। ऐसे में अपराधियों के हौसले बुलंद होना लाजमी है। रामपुर में दो आरक्षित वन क्षेत्र हैं, दोनों ही उत्तराखंड सीमा से सटे हुए हैं। बिलासपुर क्षेत्र के डंडिया वन का रकवा 5013.91 हेक्टेयर है जबकि स्वार क्षेत्र के पीपली वन का रकवा 1596.89 हेक्टेयर है। इनमें खैर से लेकर शीशम तक की बेशकीमती लकड़ी है। जो लकड़ी तस्करों और माफिया के निशाने पर है। सर्वाधिक अवैध कटान पीपली वन में होता है। यहां आए दिन तस्कर वन टीम पर फायरिंग करते...
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