कोडरमा, जुलाई 13 -- कोडरमा, वरीय संवाददाता। सदर अस्पताल कोडरमा में वित्तीय अनियमितता का एक बड़ा मामला सामने आया है। तबादले के बाद विधिवत विमुक्त किए जा चुके लेखा लिपिक के स्तर से 30 लाख रुपये से अधिक के भुगतान की फाइलें बढ़ाने और बैंक को पत्र भेजे जाने का खुलासा हुआ है। पूरे प्रकरण को वित्तीय नियमों के गंभीर उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है। पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार ने अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ रंजीत कुमार, रूपेश कुमार और सुजीत कुमार से स्पष्टीकरण मांगा है। तीनों के वेतन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। जानकारी के अनुसार, वित्त विभाग तथा झारखंड सरकार के मुख्य सचिव के निर्देश पर वित्तीय कार्यों से जुड़े कर्मियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया के तहत वर्षों से सदर अस्पताल में पदस्थापित लेखा लिपिक रूपेश कुमार ...