रांची, अप्रैल 23 -- रांची, विशेष संवाददाता। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) परीक्षा में आरक्षण श्रेणी का लाभ नहीं दिए जाने के खिलाफ प्राची सुप्रिया राणा और विकास कुमार द्वारा दायर याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने सुनवाई के बाद याचिका स्वीकार कर ली और अदालत ने झारखंड लोक सेवा आयोग को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं को आरक्षण श्रेणी का लाभ दिया जाए। मामले में बताया गया कि याचिकाकर्ता ओबीसी-1 और बीसी-2 श्रेणी से संबंधित हैं। आवेदन पत्र भरते समय एक कॉलम में त्रुटि हो जाने के कारण आयोग ने उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं दिया और सामान्य श्रेणी में शामिल कर लिया। इसके कारण उनका चयन नहीं हो सका। याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि वे आरक्षित वर्ग से आते हैं और आरक्षण श्रेणी के अंतिम चयन कट-ऑफ से अधिक अंक प्रा...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.