वाराणसी, अगस्त 7 -- प्रयागराज, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के पूर्व राजपरिवार की संपत्तियों से जुड़े विवाद में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि किसी वाद में कृषि भूमि के साथ भवन, मकान और आबादी घोषित भूमि भी शामिल हो, तो ऐसे मामलों की सुनवाई सिविल कोर्ट में की जा सकती है। न्यायमूर्ति अनिल कुमार ने राजपरिवार के सदस्यों की दो याचिकाओं पर एक साथ फैसला सुनाते हुए दोनों को खारिज कर दिया और ट्रायल कोर्ट के आदेशों को बरकरार रखा। मामला महाराज कुमारी विष्णुप्रिया द्वारा दायर संपत्ति बंटवारे और घोषणा संबंधी वाद से जुड़ा है। दावा किया गया था कि माता-पिता की छोड़ी गई संपत्तियों में उनका एक-चौथाई हिस्सा है और उसी आधार पर बंटवारे की मांग की गई। इसके साथ ही अनुसूची 'जेड' में वर्णित व्यक्तिगत संपत्तियों पर उनके शांतिपूर्ण...