भागलपुर, मई 19 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। बिहार भवन उपविधि संशोधन 2026 के तहत लागू 'ट्रस्ट एंड वेरिफाई' प्रक्रिया में भेदभाव का आरोप लगाते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग के सूचीबद्ध सिविल व स्ट्रक्चरल इंजीनियर्स ने मोर्चा खोल दिया है। विभागीय मंत्री नीतीश मिश्रा को सौंपे ज्ञापन में इंजीनियर्स ने कहा कि नए नियमों में नक्शा स्वीकृत करने का अधिकार केवल आर्किटेक्ट्स को दिया गया है, जो तकनीकी और वैधानिक रूप से अनुचित है। इंजीनियर्स का तर्क है कि भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और जन सुरक्षा में सिविल व स्ट्रक्चरल इंजीनियरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने मांग की है कि जनहित और तकनीकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस उपविधि में आवश्यक संशोधन किया जाए, और सिविल इंजीनियर्स को भी आर्किटेक्ट्स के समान नक्शा पास करने के लिए अधि...