मेरठ, सितम्बर 3 -- मेरठ/दौराला। मेरठ-मुजफ्फरनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच 58) स्थित सिवाया टोल प्लाजा चर्चा के केंद्र में है। इस टोल प्लाजा की मूल अनुबंध अवधि 25 जून 2026 को समाप्त हो चुकी है, इसके बावजूद वाहन चालकों से धड़ल्ले से टोल वसूला जा रहा है। नियमों के मुताबिक निर्माण लागत वसूलने के बाद या तो टोल बंद होना चाहिए या दरों में भारी कमी आनी चाहिए, लेकिन धरातल पर स्थिति बिल्कुल उलट है। मेरठ-मुजफ्फरनगर एनएच 58 यह पैच 77.89 किलोमीटर लंबा है। इसे बनाने में लगभग 359 करोड़ रुपये की लागत आई थी, जिसे नागार्जुन कॉन्ट्रैक्टर कंपनी ने फोरलेन करने के दौरान तैयार किया था। मूल लागत से काफी पहले ही वसूली पूरी हो चुकी है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर 2016 तक ही इस टोल से 453.60 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं, जो निर्माण लागत से कहीं अधिक है। ...