रांची, अप्रैल 29 -- सिल्ली,प्रतिनिधि। सिल्ली स्थित राधा-माधव आश्रम परिसर में बुधवार को आयोजित तीन दिवसीय बाउल संगीत कार्यक्रम के अंतिम दिन श्रोताओं की भारी भीड़ उमड़ी। बाउल संगीत परंपरा को सुनने के लिए सिल्ली व आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के पुरुलिया, बांकुड़ा, बाघमुंडी, बरहाबाजार समेत आसपास के लगभग 60 की संख्या में बाउल साधक शामिल हुए। बाउल साधकों ने एकतारा, दोतारा, तबला और अन बाद्य यंत्रों के साथ मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। बाउल साधकों की पारंपरिक बाउल गीतों पर पूरा आश्रम झूम उठा। गीतों में कृष्ण प्रेम, गुरु महिमा और देह-तत्व, तथा वर्तमान हालात पर कटाक्ष का झलक दिखा। यह भी पढ़ें- भोर कीर्तन के साथ अखंड हरिनाम संकीर्तन का पारायण श्रोता भाव-विभोर होकर देर रात तक बैठे रहे। आश्रम के प्रबंधन के ब...