उरई, मार्च 19 -- आटा। देशभर में रसोई गैस को लेकर चल रही किल्लत और लगातार बढ़ती कीमतों ने ग्रामीण इलाकों में हालात बिगाड़ दिए हैं। गैस एजेंसियों पर सप्लाई की कमी, लंबी लाइनें और महंगे सिलेंडर ने आम आदमी की रसोई को संकट में डाल दिया है। मजदूरी कर परिवार चलाने वाले लोग अब गैस भरवाने से कतराने लगे हैं और मजबूरी में फिर से लकड़ी व उपलों के चूल्हों की ओर लौट रहे हैं। ग्रामीण इलाके में जहां पहले 100 के 80 उपले मिल जाते थे तो अब उपले की डिमांड बढ़ने पर वह 100 के 70 ही मिल रहे हैं। आटा क्षेत्र के गांवों में इन दिनों गैस की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। कई घरों में सिलेंडर खाली पड़े हैं, जबकि एजेंसियों पर नो स्टॉक की स्थिति बनी हुई है। घंटों इंतजार के बाद भी लोगों को गैस नहीं मिल पा रही, जिससे रसोई का पूरा गणित बिगड़ गया है। ऊपर से बढ़ती कीमतों ...