नई दिल्ली, जून 4 -- Ritabrata Banerjee: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस समय अपने सबसे बड़े राजनीतिक संकट से जूझ रही है। पार्टी के भीतर एक बागी गुट ने 80 में से 58 विधायकों के समर्थन का दावा किया है। इस स्थिति ने महाराष्ट्र के शिवसेना विवाद की यादें ताजा कर दी हैं। अब यह तय करने में कि कौन सा गुट असली पार्टी है, पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष की भूमिका सबसे निर्णायक होने जा रही है। संविधान की दसवीं अनुसूची दलबदल के संवैधानिक पाप को रोकती है। आइए समझते हैं कि इस तरह के संकट में कानूनी नियम क्या कहते हैं और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश क्या हैं। साल 2003 में संविधान की दसवीं अनुसूची से पैराग्राफ 3 को हटा दिया गया था। इसके हटने के बाद, अयोग्यता की कार्यवाही का सामना कर रहे सदस्यों के लिए पार्टी में विभाजन या स्प्लिट का तर्क देकर ...