नई दिल्ली, जनवरी 14 -- मदन जैड़ा नई दिल्ली। एकीकृत युद्धक समूहों (आईबीजी) के गठन से ऊंचे इलाकों में सेना की मारक क्षमता में इजाफा होगा। ये युद्धक समूह 12 घंटे के भीतर सटीक हमले को अंजाम देने में सफल होंगे। मौजूदा समय में सेना के एक डिवीजन को हमले के लिए तैयार करने में करीब दो दिन का समय लग जाता है। चीन सीमा पर तैनात माउंटेन स्ट्राइक कार्प को तोड़कर सबसे पहले आईबीजी में बदला जाएगा। सेना के सूत्रों ने कहा कि सरकार की हरी झंडी मिलने के बाद अब जल्द आईबीजी के गठन की प्रक्रिया आरंभ होगी। लक्ष्य यह है कि अगले दो सालों में माउंटेन कार्प को आईबीजी में तब्दील कर चीन से मिलने वाली रक्षा चुनौती का ठोस समाधान सुनिश्चित किया जाए। भारतीय सेनाएं इस समय एकीकरण की तैयारियों में जुटी हुई हैं। सेना के सूत्रों ने कहा कि यह प्रक्रिया नीचे से शुरू की जा रही है।...