नई दिल्ली, जनवरी 15 -- अक्सर गर्दन के पीछे उभार या 'कूबड़' (Neck Hump) महसूस करने पर हमारा पहला शक अपने तकिए पर ही जाता है। जिसके बाद ज्यादातर लोग अपने पुराने तकिए को बदलकर बाजार से महंगा ऑर्थोपेडिक तकिया खरीदकर घर ले आते हैं। लेकिन डॉक्टरों की मानें तो आपकी परेशानी की वजह आपके तकिए में नहीं बल्कि आपकी रोजमर्रा की कुछ आदतों में छिपी हुई होती है। जिस मोबाइल को आप अपनी आंखों के सामने घंटों बनाए रखते हैं और जिस डेस्क पर आप घंटों झुककर काम करते हैं, यह कूबड़ असल में आपके शरीर द्वारा इन गलत आदतों का ही नतीजा होता है। तकिया बदलना तो सिर्फ एक मरहम है, असली इलाज तो उस ढर्रे को बदलना है जिसे हम अपनी दिनचर्या कहते हैं। शारदाकेयर हेल्थसिटी के ऑर्थोपेडिक्स डॉ. पुष्कर चावला कहते हैं कि जब भी कोई 'नेक हंप' या गर्दन के ऊपरी हिस्से में उभार की बात करता ह...