भोपाल, मई 13 -- मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने हाल ही में उस वकील को कड़ी फटकार लगाई है जिसने हाल ही में यह दावा किया था कि केवल वरिष्ठ वकीलों के आरोपियों को ही जमानत दी जाती है। कोर्ट ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी न्यायपालिका की निष्पक्षता पर सवाल उठाती है और कोर्ट की अवमानना ​​के बराबर हो सकती है। मामला 6 मई का है। जस्टिस रामकुमार चौबे ने एक जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान वकील सैनी की दलीलों पर गंभीर आपत्ति जताई थी। वकील का तर्क था कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत समान मामलों में जमानत केवल तब मिली जब आरोपी की पैरवी किसी वरिष्ठ वकील ने की। वकील ने यहां तक कह दिया कि केवल इसलिए कि उनके मुवक्किल का वकील एक जूनियर एडवोकेट है, उसे राहत देने से इनकार करना अनुचित है। यह भी पढ़ें- प्रेमिका ने EX-बॉयफ्रेंड संग मिलकर प्रेमी का किया मर्डर, ऐसे खुला राजबिन...