नई दिल्ली, जुलाई 7 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि बैंक और भारतीय बैंक संघ (आईबीए) केवल पेशेवर लापरवाही के आरोपों के आधार पर वकीलों को 'सतर्कता बरतने की सूची' में नहीं डाल सकते हैं। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि अधिवक्ताओं को काली सूची में डालना बार काउंसिल के वैधानिक अनुशासनात्मक अधिकार क्षेत्र में दखल माना जाएगा।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के दृष्टिकोण का खंडन जस्टिस पी एस नरसिम्हा और आलोक अराधे की पीठ ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस दृष्टिकोण को भी खारिज कर दिया कि जिसमें कहा गया था कि आईबीए 'राज्य' नहीं है, इसलिए उसके खिलाफ रिट याचिका स्वीकार्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों को पेशेवर लापरवाही के लिए सतर्कता बरतने की सूची में डालने के आईबीए के फैसले को रद्द करते हुए कहा...