कानपुर, जून 29 -- आशीष दीक्षित कानपुर। मधुमेह (शुगर) के मरीज दवा तो खा रहे हैं, लेकिन इलाज की सबसे जरूरी शर्तें भूल रहे हैं। एसोसिएशन ऑफ फिजीशियन के सालभर चले सर्वे में 35 से 65 वर्ष के 4,250 मरीजों पर अध्ययन किया गया। इसमें 80 फीसदी मरीज सिर्फ दवा के भरोसे मिले। 60 फीसदी मरीज दो से चार महीने तक शुगर की जांच नहीं कराते। 55 फीसदी मरीज समय पर दवा लेने में भी लापरवाही बरत रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और अनुशासित दिनचर्या के बिना केवल दवा के सहारे मधुमेह पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं है।

डॉक्टर की सलाह के बिना बदल रहे इलाज :: सर्वे में सामने आया कि बड़ी संख्या में मरीज डॉक्टर की सलाह लिए बिना ही दवा की मात्रा घटा-बढ़ा देते हैं या इलाज का तरीका बदल लेते हैं। कई मरीज शुगर सामान्य आते ही जांच और दवा दोन...