नई दिल्ली, जुलाई 5 -- यूपी की पहचान हमेशा आस्था, मंदिर, घाट और धार्मिक शहरों से जुड़ी रही है, क्योंकि अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे शहर सिर्फ दर्शन की जगह नहीं हैं, बल्कि आज टूरिज्म, लोकल बिजनेस, जॉब्स और सर्विस सेक्टर के बड़े सेंटर भी बन रहे हैं। जब कोई श्रद्धालु या टूरिस्ट इन शहरों में आता है, तो वह केवल मंदिर दर्शन नहीं करता, बल्कि होटल में रुकता है, प्रसाद खरीदता है, ई-रिक्शा या टैक्सी लेता है, लोकल मार्केट में खरीदारी करता है और रेस्टोरेंट में खाना भी खाता है। इस पूरी आवाजाही से गाइड, दुकानदार, नाविक, ड्राइवर, होटल स्टाफ और छोटे सर्विस प्रोवाइडर तक सभी को काम मिलता है। यही वजह है कि धार्मिक शहरों का डेवलपमेंट अब केवल आस्था की बात नहीं रहा, बल्कि यह लोकल इकॉनमी, छोटे कारोबार और शहरों की नई ग्रोथ से भी जुड़ गया है।अयोध्या से आगमन, बिजनेस...