मुंबई, मई 26 -- बॉम्बे हाई कोर्ट ने हाल ही में एक पति-पत्नी से जुड़े पारिवारिक वाद की सुनवाई करते हुए दो टूक कहा है कि पत्नी कोई घरेलू नौकरानी नहीं है जो सिर्फ खाना बनाने और साफ-सफाई करने वाली नौकरानी की तरह हो। हाई कोर्ट ने ये भी कहा कि पत्नी से जबरदस्ती घर के काम करने की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) पति को झटका देते हुए अपनी अलग रह रही पत्नी को हर महीने 20,000 रुपये गुज़ारा भत्ता देने का आदेश दिया और फ़ैमिली कोर्ट के तलाक के आदेश को रद्द कर दिया। हाई कोर्ट ने पति के उस दावे को भी खारिज कर दिया कि पत्नी उसके साथ क्रूरता करती थी, क्योंकि उसने कथित तौर पर खाना बनाने, सफ़ाई करने और उसके माता-पिता की बात मानने से मना कर दिया था। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, "पत्नी का खाना न बनाना, सफाई करने ज...