प्रयागराज, जुलाई 9 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए स्पष्ट किया है कि केवल किसी व्यक्ति का आपराधिक इतिहास होने मात्र से उसकी संपत्ति को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क नहीं किया जा सकता। जब तक राज्य यह ठोस और विश्वसनीय साक्ष्यों से साबित न कर दे कि संबंधित संपत्ति अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई है, तब तक कुर्की का आदेश कानून की कसौटी पर टिक नहीं सकता। न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल ने अर्जुन जायसवाल एवं तीन अन्य की याचिका पर उनके अधिवक्ता वाजिद अली को सुनकर दिया है। कोर्ट ने आपराधिक अपील स्वीकार करते हुए गोरखपुर के विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) के 19 नवंबर 2022 के आदेश में संशोधन कर दिया। न्यायालय ने गाटा संख्या-206 पर बने पक्के मकान तथा दो वाहनों की कुर्की निरस्त करते हुए उन्हें उनके वैध स्वामियों को तत्काल मुक्त करने का नि...