कानपुर, मई 16 -- कानपुर देहात,संवाददाता। जनपद में डेंगू की बीमारी की चपेट में आकर हर साल तमाम लोगों की जान जा रहीं है और इसके साथ ही बड़ी संख्या में लोग बीमार होकर उपचार कराने को मजबूर होते हैं। इसके बाद भी विभाग डेंगू को लेकर आंकड़ों के खेल में उलझा रहता है। निजी पैथालॉजी और अस्पतालों से समन्वय न होने के कारण अधिकांश मामलों को तो दर्ज ही नहीं किया जाता है। डेंगू से बचाव के लिए विभाग अभी जागरूकता अभियान चला रहा है। वहीं संवेदनशील इलाकों में शासन के निर्देश पर बेमौसम छिड़काव भी कर चुका है। वहीं सितंबर के समय डेंगू के रोगी बढ़ने पर विभाग के पास संसाधन कम पड़ जाते हैं। डेंगू की बीमारी हर साल जिले में बड़ी संख्या में लोगों की मौत की भी वजह बन रही है। लेकिन सरकारी तौर पर विभाग सिर्फ आंकड़ेबाजी तक सीमित रहता है। विभाग के तीन साल के आंकड़ों को देखा जाए ...