कौशाम्बी, अप्रैल 3 -- गर्मी का मौसम शुरू होते ही आगजनी की घटनाओं में इजाफा होने लगता है। खेत, खलिहान, दुकान या मकान पलक झपकते आग की जद में आ जाते हैं। कहीं लापरवाही तो कहीं इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट के कारण हर वर्ष लोगों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है। ऐसे में सिराथू तहसील क्षेत्र की अग्निशमन व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। करीब 40 वर्ष पूर्व क्षेत्र के लगभग डेढ़ सौ गांवों और तीन नगर पंचायतों को आग की घटनाओं से राहत दिलाने के उद्देश्य से सैनी में फायर स्टेशन की स्थापना की गई थी। समय के साथ आबादी, मकान, बाजार और कारोबार तेजी से बढ़े, लेकिन फायर स्टेशन के संसाधनों में कोई खास वृद्धि नहीं हुई। वर्तमान स्थिति यह है कि सैनी फायर स्टेशन में मात्र 5000 लीटर पानी की क्षमता वाला एक ही फायर टैंकर और एक चालक उपलब्ध है। ऐसे में यदि एक ही समय में...