फतेहपुर, अप्रैल 18 -- फतेहपुर। एक साधारण चायवाले की जिंदगी उस वक्त चर्चा में आ गई, जब 20 फरवरी को अखिलेश यादव को चाय पिलाने के बाद उसने खुद को लगातार परेशानियों से घिरा हुआ पाया। दुकानदार का आरोप है कि इसके बाद कभी दबंगों की धमकी तो कभी खाद्य विभाग की छापेमारी का सामना करना पड़ा। यहां तक कि पतीलें तक की जांच पड़ताल कर चाय पत्ती का नमूना भी जांच के लिए भेजा गया। बढ़ते उत्पीड़न से परेशान होकर अब उसने दुकान बंद कर पलायन की बात कही है, जिससे पूरे मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। सुल्तानपुर के ऐराया मशायक निवासी शेषमणि यादव चौकी चौराहे के पास चाय की दुकान चलाता है। यह भी पढ़ें- अखिलेश यादव के चाय पीने पर दुकान में छापा, सियासत तेज उसके साथ उसका बेटा आर्यन भी हाथ बंटाता है। 20 फरवरी को अखिलेश यादव जिले में आए थे। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों क...