सिमडेगा, मई 4 -- कभी आम की पहचान से मशहूर रहा सिमडेगा अब फिर से अपनी खोई पहचान वापस पाने की राह पर है। इसके लिए डीडीसी दीपांकर चौधरी ने पहल की है। उनका प्रयास है कि जिले के आम देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक भी भेजा जाए। शनिवार को डीडीसी की अध्यक्षता में जिला ग्रामीण विकास शाखा के सभागार में बायर-सेलर मीट का आयोजन किया गया। जिसमें जिले के किसानों और बाहरी राज्यों से आए खरीदारों के बीच सीधा संवाद हुआ। इस मीट का मकसद साफ था जिले के आम को बाजार दिलाना और किसानों की आय को नई उड़ान देना। यह पहल सिर्फ व्यापार नहीं सिमडेगा की पहचान को फिर से स्थापित करने की कोशिश है। जेएसएलपीएस और प्रदान एनजीओ के सहयोग से किसान उत्पादक संगठन किसानों से आम की खरीद, पैकेजिंग और फिर बड़े बाजारों तक सप्लाई करेंगे। खरीदारों ने कहा कि अगर आम का आकार 200-300 ग्राम और गुणव...