अलीगढ़, मार्च 15 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा पद्धति से संचालित निजी अस्पतालों और चिकित्सकों के पंजीकरण व नवीनीकरण की प्रक्रिया एक अप्रैल से प्रारंभ की जाएगी। इस बार सिद्धा और सोया-रिगुपा पद्धति के चिकित्सकों को भी आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड के दायरे में लाते हुए उनके पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। शासन ने 50 बेड से कम क्षमता वाले निजी आयुर्वेद-यूनानी अस्पतालों व नैदानिक संस्थानों को निर्धारित शर्तों के साथ पांच वर्ष के लिए पंजीकरण और नवीनीकरण की अनुमति प्रदान की है। यही नहीं, अस्पतालों को अपने परिसर में 5x3 फुट आकार का पीले बैकग्राउंड वाला डिस्प्ले बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। इस बोर्ड पर अस्पताल का पंजीकरण नंबर, संचालक का नाम, बेड की संख्या, संचालित चिकित्सा पद्धति, उपलब्ध सेवाएं तथा च...
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