मधुबनी, मार्च 21 -- बेनीपट्टी।बेनीपट्टी अनुमंडल मुख्यालय से पांच किलोमीटर पश्चिम-उत्तर दिशा में अवस्थित उच्चैठ भगवती आदि शक्ति काली की तंत्रोक्त सिद्धपीठ है। सिंह पर सवार गदा- चक्र एवं कमल फूल से सुशोभित ढाई फूट के काले चमकीले अद्भूत पत्थर में मां कल्याणमयी मुद्रा में हंै। छिन्नमस्ता भगवती कब और कैसे यहां पकट हुईं इसका उल्लेख कहीं प्राप्त नहीं है। पौराणिक गाथाओं की मानें तो ईशा पूर्व से मां की प्रतिमा यहां अवस्थित है। इसका प्रमाण इस बात से मिलता है कि धर्मग्रंथों एवं दंत कथाओं में महाकवि कालिदास को ज्ञान यहीं से प्राप्त हुआ था। इतिहास साक्षी है कि कालिदास उच्चैठ नरेश विक्रमादित्य के राज्य सलाहकार थे जिनका कार्यकाल ईशा पूर्व से पहले की है। रामायण ग्रंथ में उल्लेखित है कि राम जब जनकपुर के लिए चले थे तो चारो भाई यहां रूक कर माता की पूजा कर श...
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