रुद्रपुर, जुलाई 12 -- रुद्रपुर, संवाददाता। शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षक समायोजन प्रक्रिया समय से पहले शुरू किए जाने पर शिक्षकों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने से पहले समायोजन करने से विद्यालयों में शिक्षकों की वास्तविक आवश्यकता का सही आकलन नहीं हो सकेगा। शिक्षकों का तर्क है कि पहले यह प्रक्रिया सितंबर के बाद की जाती रही है। शिक्षक नेता हरीश दनाई ने बताया कि 31 मार्च के बाद कक्षा पांच और आठ के विद्यार्थियों के अगले स्तर पर जाने से प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों की छात्र संख्या में बदलाव आता है। अप्रैल से सितंबर तक लगातार नए प्रवेश होने से विद्यार्थियों की संख्या बढ़ती रहती है। सितंबर तक प्रवेश प्रक्रिया लगभग पूरी होने पर ही विद्यालयों की वास्तविक छात्र संख्या सामने आती है। उन्होंने कहा कि यदि मौजूदा छात्र संख्...