नई दिल्ली, नवम्बर 13 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली कैबिनेट ने 1984 सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के आश्रितों को करुणामूलक आधार पर रोजगार मुहैया करने की नीति को स्वीकृति दे दी। यह कदम चार दशकों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों के लिए आर्थिक पुनर्वास की दिशा में बड़ा कदम है। सीएम ने बताया कि 2007 के मंत्रिमंडलीय निर्णय के बाद 18 वर्षों से लंबित रोजगार सहायता मामलों को अब समयबद्ध तरीके से निपटाया जाएगा। नई नीति में आयु सीमा और शैक्षणिक योग्यता में छूट दी गई है, जो दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप है। सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि 50 वर्ष से अधिक आयु के आश्रितों को परिवार की अगली पीढ़ी, जिनमें पुत्र, पुत्री, बहू या दामाद शामिल हैं, उनके नामांकन का विकल्प मिलेगा। इससे वृद्ध आश्रित...
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