रांची, मार्च 13 -- रांची, विशेष संवाददाता। राज्य में वर्ष 1984 में हुए सिख दंगा पीड़ितों को मुआवजा दिलाने को लेकर मामले की सुनवाई के दौरान सरकार ने प्रारंभिक रिपोर्ट पेश करने के लिए समय देने का आग्रह किया। इस पर चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने सरकार को दो सप्ताह का समय देते हुए 30 मार्च को सुनवाई निर्धारित की। पूर्व में राज्य सरकार की ओर से मामले की सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया था कि इस मामले में जो वन मैन कमिश्नर बनाया गया था, उसकी जांच रिपोर्ट के आधार पर चिन्हित किए गए 41 प्रभावितों में से 39 पीड़ितों को मुआवजे की राशि दे दी गयी है। मामले में दर्ज 650 केस में से 550 केस में चार्जशीट दायर कर दी गयी है। बोकारो जिले के 23 केस के दस्तावेज नहीं मिल रहे हैं। प्रार्थी के अधिवक्ता ने राज्य सरकार के जवाब का विरोध करते...