पटना, नवम्बर 7 -- राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट), वाराणसी के निदेशक डॉ. संजय श्रीवास्तव ने सिक्की कला के प्रशिक्षुओं को सलाह दी कि वे इस कला का निरंतर अभ्यास जारी रखें। भले ही यह प्रयास घर पर शौक के रूप में ही क्यों न हो। अन्यथा ये कौशल धीरे-धीरे लुप्त हो जाएंगे। सशक्तीकरण नहीं हो पाएगा। वे शुक्रवार को आद्री परिसर में भारत सरकार के पर्यावरण, वन, एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सौजन्य से चल रहे सिक्की कला और डिजाइन क्षमता निर्माण कार्यक्रम में ये बातें कहीं। प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र वितरित करने के बाद उन्होंने यह आश्वासन दिया कि वे सिक्की उत्पादों के मार्केटिंग और ब्रांडिंग के तरीकों को विकसित करने की दिशा में कार्य करेंगे। ताकि इसे और आगे बढ़ाया जा सके। आद्री की सदस्य-सचिव डॉ. अश्मिता गुप्ता ने भी प्रशिक्षुओं का उत्साह बढ़ा...