पिथौरागढ़, अप्रैल 3 -- पिथौरागढ़, संवाददाता। कुमाऊं रेजिमेंट के जवान विकास कुमार का पार्थिव शरीर करीब 65 घंटे बाद शुक्रवार को पैतृक गांव गणकोट पहुंचा। रामेश्वर घाट में सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई। सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से विकास के नाम के नारे लगाते हुए उसे अंतिम विदाई दी। जिला मुख्यालय से करीब पांच किमी दूर गणकोट में सुबह दस बजे के करीब लांस नायक विकास का पार्थिव शरीर पहुंचा। यहां पहले से बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। परिजन अपने लाल के पार्थिव शरीर को देखकर बिलख पड़े। पत्नी प्रीति पति के पार्थिव शरीर को लकड़ी के बक्से (कॉफिन) में देखते ही वह उससे लिपट गईं और फूट-फूटकर रोने लगीं। बाद में रामेश्वर घाट के लिए अंतिम यात्रा शुरू हुई। घर से निकली शव यात्रा में सैकड़ों की भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा इलाका जब तक सूरज चांद रहेगा, विकास तेरा ...
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