बगहा, जनवरी 4 -- बगहा। उत्तर बिहार की जीवनरेखा सिकरहना नदी के अस्तित्व पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। नदी के उद्गम स्थल के पास कुछ लोगों ने ईंट और राबिश डालकर उसके प्राकृतिक प्रवाह को अवरुद्ध कर रास्ता बना दिया है। इससे नदी के मूल स्वरूप पर खतरा उत्पन्न हो गया है और इसके सूखने की आशंका गहराने लगी है। सिकरहना नदी का उद्गम पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा-1 प्रखंड में भैरोगंज थाना क्षेत्र के पाड़रखाप और कोल्हुआ गांव के बीच स्थित एक खेत में बने पोखरनुमा गड्ढे से हुआ है। स्थानीय लोग बताते हैं कि यहां जमीन के भीतर से पानी बुलबुले (सोहरा) के रूप में निकलता है। यही पानी आगे चलकर पहले नाली, फिर नाला और पइन का रूप लेते हुए सिकरहना नदी बन जाती है। सिकरहना नदी पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर जिले से होकर बहती है। मुजफ्फरपुर पहुंचने क...
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