धनबाद, अप्रैल 26 -- झारखंड हाईकोर्ट ने सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ माइनिंग एंड फ्यूल रिसर्च (सीआईएमएफआर) धनबाद के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के सरकारी आवास के किराया बिल में छह माह के भीतर एक लाख रुपये से बढ़कर 16 लाख रुपये हो जाने के मामले को गंभीरता से लिया है। अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सीआईएमएफआर के निदेशक से पूछा कि आखिर इतनी कम अवधि में हाउस रेंट इतना कैसे बढ़ गया। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सीआईएमएफआर के निदेशक को निर्देश दिया कि सेवानिवृत्त कर्मी गोपाल चंद्र लोहार के 16 लाख रुपये के हाउस रेंट बिल का पुनर्मूल्यांकन कर नए सिरे से गणना की जाए। अब सुनवाई एक मई को होगी।सुनवाई के दौरान कोर्ट के पूर्व आदेश के अनुपालन में सीआईएमएफआर के निदेशक, सेक्शन अफसर और प्रशासनिक अधिकारी अदालत में उपस्थित हुए। अदालत ने अगली स...