बागपत, जनवरी 27 -- दाहा। दोघट कस्बे में सोमवार को प्रवचन करते हुए संत प्रज्ञा महर्षि शाश्त्री उपेंद्र मुनि महाराज ने कहा कि जो व्यक्ति देश,धर्म कॉम के काम नहीं आता है, वो जैसा आया था वैसा ही संसार से चला जाता है। दसवें जैन महासम्मेलन में उपेंद्र मुनि महाराज ने कहा कि मनुष्य को बुरे कर्मों से दूर रहकर उत्तम कर्म करने चाहिए। मनुष्य को उन्नति के मार्ग पर चलने के लिए अपने जीवन को नशाखोरी जैसे दुर्गुणों से दूर रखना होगा। कहा कि जो देश, धर्म और जाति के काम नहीं आता है, वो वैसा ही चला जाता है। इस दौरान कवि सम्मेलन भी हुआ। जिसका शुभारंभ कल्पना शुक्ला ने मां सरस्वती की वंदना से किया। इसके बाद नौ साल की कवित्री सानिया ने कहा कि उम्र का हुनर से कोई मेल नहीं, एक बार आप मुझको सुनकर देख लो। सजल जैन जलालपुर ने सिंधु से फैला वर्मा तक हिंदुस्तान हमारा है।...
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