नई दिल्ली, जुलाई 20 -- सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) अपने मौजूदा स्वरूप में दोबारा लागू नहीं होगी। सरकारी सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में इस पर फिर से अमल होता है तो इसके लिए संधि को नए और संशोधित स्वरूप में बातचीत के जरिए तैयार करना होगा। साथ ही पाकिस्तान को भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद स्थायी रूप से रोकना होगा। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान यह दुष्प्रचार कर रहा है कि भारत द्वारा संधि को स्थगित करने से उसे पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि पाकिस्तान को मिलने वाले पानी का बड़ा हिस्सा वहां भंडारण क्षमता की कमी, व्यापक रिसाव और प्रांतों के बीच जल बंटवारे के विवादों के कारण बर्बाद हो जाता है। उन्होंने कहा कि भारत फिलहाल सिंधु जल संधि से पूरी तरह बाहर निकलने पर विचार नहीं कर रहा है, लेकिन एक संप्रभु ...