अंबेडकर नगर, जनवरी 19 -- सिंचाई खंड टांडा किसानों की कसौटी पर खरा नहीं उतर रहा है। नहरों व माइनरों में पानी की जगह धूल उड़ने से किसानों को डीजल चालित यंत्रों से महंगी सिंचाई करने पर विवश होना पड़ रहा है। जिम्मेदार अधिकारियों की कुंभकर्णी निद्रा भंग न होने से किसानों की आय दो गुना करने का सरकार का फरमान हवा-हवाई दिख रहा है। रबी की फसलों की बुवाई के बाद किसानों को सिंचाई की आवश्यकता पड़ती है। गेहूं की बुवाई करने के उपरान्त सिंचाई करने के लिए मौजूदा समय में किसानों को खेतों में पानी की ज्यादा आवश्यकता है किन्तु सिंचाई विभाग ने दगा दे दिया है। सरकार द्वारा खेतों में सरकारी नलकूपों एवं नहरों से सिंचाई नि:शुल्क कर दिए जाने से किसान डीजल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि होने से इन्हीं सरकारी संसाधनों सिंचाई करना सहूलियत समझते हैं। नहरों व माइनरों में प...