लखीमपुरखीरी, मार्च 22 -- चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन कस्बे के दुर्गा देवी मंदिर में चल रहे शतचंडी यज्ञ और रामकथा में कथा व्यास ने शुक्रवार रात दक्ष प्रजापति और माता सती की कथा सुनाई। कथा सुनने तमाम श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कथा व्यास अनुराधा ने बताया कि राजा दक्ष द्वारा किया गया भगवान शिव का अपमान और माता सती का आत्मसम्मान के लिए दिया गया खुद का बलिदान समाज को अहंकार त्यागने और श्रद्धा व सम्मान बनाए रखने का संदेश देता है। कथा के दौरान श्रद्धालु बार-बार जयकारे लगाते रहे। सिंगहा खुर्द गांव में शतचंडी यज्ञ के साथ चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत शनिवार दिन में हुई रामलीला में नारद मोह प्रसंग का मंचन किया गया। कलाकारों ने नारद मुनि के अहंकार और भगवान विष्णु की लीला को बढ़िया ढंग से प्रस्तुत किया। रामलीला व रासलीला देखने पड़ोसी गांवों से भी बड़...