अररिया, मई 9 -- फारबिसगंज, निज संवाददाता। कोविड महामारी के दौरान जिस ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट को लोगों की जिंदगी बचाने की सबसे बड़ी उम्मीद माना गया था, वही प्लांट आज खुद बदहाली और उपेक्षा का शिकार होकर धूल और जंग की भेंट चढ़ता जा रहा है। फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल में स्थापित 500 एलपीएम यानी लीटर पर मिनट क्षमता वाला ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट उद्घाटन के साढ़े चार वर्ष बाद भी चालू नहीं हो सका है। स्थिति यह है कि दूसरे को सांस देने वाला यह करोड़ों की लागत का प्लांट खुद 'वेंटिलेटर' पर पहुंच गया है। 75 बेड वाले अनुमंडलीय अस्पताल के लिए लगाए गए इस प्लांट को अस्पताल के प्रत्येक महत्वपूर्ण वार्ड से जोड़ा गया था ताकि मरीजों को बेड पर ही निर्बाध ऑक्सीजन उपलब्ध हो सके। प्रसव गृह, ऑपरेशन थिएटर, इमरजेंसी वार्ड, जनरल वार्ड समेत अस्पताल के विभिन्न कक्षों में पाइ...