साहित्यिक संस्था वाणी की मासिक गोष्ठी में गूंजी काव्य संवेदनाएं
मुजफ्फर नगर, अप्रैल 27 -- मुजफ्फरनगर। अग्रणी साहित्यिक संस्था वाणी की मासिक गोष्ठी का आयोजन सुशील मानव के सौजन्य से शाकुन्तलम स्थित सुनीता सोलंकी मीना के आवास पर संपन्न हुआ। इस कार्यक्त्रम में शहर के वरिष्ठ एवं युवा रचनाकारों ने अपनी लेखनी के माध्यम से समाज, संवेदना और जीवन के विभिन्न रंगों को उकेरा। गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार रामकुमार शर्मा रागी ने की तथा संचालन सुनील कुमार शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्त्रम का शुभारंभ सुशीला शर्मा की मधुर सरस्वती वंदना से हुआ। काव्य पाठ के दौरान अंकित दीप की पंक्तियों दिल जो रोता है तो आवाज़ नहीं कर सकते, आप इस दर्द का अंदाज़ नहीं कर सकते ने श्रोताओं को भावुक कर दिया। वहीं इंदु राठी ने एहसासों और लफ्जों की कशीदाकारी पेश की। अध्यक्षीय उद्बोधन में रामकुमार रागी ने रिश्तों की मर्यादा पर जोर देते...
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