मथुरा, जनवरी 22 -- हिंदी के साहित्यकार बाबू गुलाब राय की 138वीं जयंती समारोह परमेश्वरी देवी धानुका सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित किया गया। जिसमें वक्ताओं ने उनके साहित्य की विस्तृत चर्चा की। आचार्य वत्स गोस्वामी ने कहा कि बाबू गुलाब राय जैसा साहित्यकार होना मुश्किल है। उन्होंने अज्ञान और अंधकार को मिटा कर भारतीय संस्कृति और साहित्य के भी पुष्पों को पल्लवित किया। मुख्य वक्ता साहित्यकार डॉ. अतुल प्रभाकर ने कहा कि बाबू गुलाब राय का व्यक्तित्व आकाश की तरह विशाल था। अध्यक्षता करते हुए डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि बाबू गुलाब राय के साहित्य में सरसता और सहजता थी। डॉ. प्रताप पाल शर्मा ने कहा कि आचार्य रामचंद्र शुक्ल जैसे साहित्यकारों की तरह बाबू गुलाब राय का नाम लिया जाता है। इससे पूर्व बाबू गुलाब राय स्मृति संस्थान आगरा अध्यक्ष एवं कवयित्री ड...