दरभंगा, मार्च 30 -- दरभंगा। हिन्दी समाहार मंच के तत्वावधान में साहित्यकार दिनेश्वर प्रसाद कल्प के निधनोपरांत श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। साहित्य प्रेमियों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर अमरेश्वरी चरण सिन्हा ने कहा कि वे सहज और सरल स्वभाव के धनी थे। डॉ. सतीश चन्द्र भगत ने कहा कि उनकी रचनाएं कब पलेगी पत्थरों में जान (कविता संग्रह) प्रकाशित कृतियों से साहित्य जगत में जीवित हैं। अरुण कुमार वर्मा ने कहा कि वे एक सच्चे साहित्य साधक थे। उनकी अप्रकाशित पुस्तकों के प्रकाशन कि दिशा में समाहार मंच को अग्रसर होना चाहिए। अध्यक्षता करते हुए अखिलेश कुमार चौधरी ने कहा कि उनका निधन समाहार मंच के लिए अपूरणीय क्षति है। संचालन करते हुए समाहार मंच के सचिव अमिताभ कुमार सिन्हा ने कहा कि वे हिन्...