लखनऊ। विधि संवाददाता, अप्रैल 28 -- अपनी सास की जगह मृतक आश्रित कोटे में नौकरी मांग रही बहू को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से झटका लगा है। मामले में फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति के इस मामले में स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के समय जो पारिवारिक सदस्य थे, वे ही अनुकंपा नियुक्ति का दावा कर सकते हैं। न्यायालय ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति की पात्रता के लिए विधवा बहू का सरकारी कर्मचारी की मृत्यु की तिथि पर परिवार का हिस्सा होना आवश्यक है। जो व्यक्ति कर्मचारी की मृत्यु के समय परिवार का हिस्सा नहीं था, वह बाद में शादी या विधवा होने जैसी घटनाओं के आधार पर नौकरी का दावा नहीं कर सकता। यह निर्णय न्यायमूर्ति राजन रॉय व न्यायमूर्ति एके चौधरी की खंडपीठ ने दीपिका तिवारी की ओर से दाखिल विशेष अपील को खारिज करते हुए पारित किया...
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