संवाददाता, अगस्त 2 -- Kanwar Yatra: सावन महीने की पावन कांवड़ यात्रा में इस बार श्रद्धा और भक्ति के कई अनोखे एवं भावुक रूप देखने को मिल रहे हैं। हरिद्वार से गंगाजल लेकर आ रहे शिवभक्तों में भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था के साथ-साथ अपने परिवार और रिश्तों के प्रति असीम प्रेम व समर्पण दिखाई दे रहा है। इस साल की कांवड़ यात्रा में एक नया और सराहनीय चलन देखने को मिल रहा है, जहां कई श्रद्धालु श्रवण कुमार की तरह अपने परिजनों को कांवड़ में बैठाकर यात्रा पूरी कर रहे हैं। कोई अपनी बुजुर्ग माता-पिता या नानी को कांवड़ में बैठाकर ला रहा है, तो कोई अपनी चाची, बहन, पत्नी या मासूम बेटी को कंधे पर उठाए चले जा रहा है। इन शिव भक्तों का कहना है कि अपनों के प्रति कर्तव्य निभाना और भगवान भोलेनाथ की भक्ति करना एक समान है। यात्रा में शामिल कई कांवड़ियों के लिए यह यात्र...