सावन के भौम प्रदोष पर मंगला गौरी व्रत का विशेष संयोग! नोट कर लें सही तारीख, मुहूर्त और पूजा विधि
नई दिल्ली, अगस्त 23 -- प्रदोष व्रत हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। हर महीने की त्रयोदशी को भगवान शिव की पूजा का यह विशेष अवसर आता है। इस बार श्रावण शुक्ल त्रयोदशी पर मंगला गौरी व्रत का भी संयोग बन रहा है। मंगलवार को पड़ने वाला प्रदोष भौम प्रदोष कहलाता है। ऐसे दुर्लभ संयोग पर व्रत करने से शिव, पार्वती और हनुमान जी तीनों की कृपा मिलने की संभावना रहती है। भक्तों के लिए यह दिन खास बन गया है।मंगला गौरी व्रत का विशेष संयोग सावन मास के मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रखा जाता है। इस दिन मां गौरी की पूजा का विधान है। सावन के अंतिम मंगला गौरी व्रत पर प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है, क्योंकि दोनों मंगलवार को पड़ रहे हैं। 25 अगस्त को व्रत रखने से दो व्रतों का फल एक साथ मिल सकता है। शिव जी, हनुमान जी और मां गौरी तीनों की कृपा प्राप्त होने का श...
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