नई दिल्ली, मई 10 -- सुप्रीम कोर्ट ने उस पुलिस कॉन्स्टेबल की सेवा से बर्खास्तगी के आदेश को सही करार दिया है, जिसने झारखंड पुलिस से दो दिनों की छुट्टी लेकर जाली पहचान के साथ बिहार पुलिस में भी नौकरी हासिल कर ली थी। सुप्रीम कोर्ट ने कॉन्स्टेबल के इस कृत्य पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि सरकारी सेवाओं में इस तरह की धोखाधड़ी और अनुशासनहीनता के लिए कोई स्थान नहीं है। जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने झारखंड हाईकोर्ट के उस फैसले को शुक्रवार को रद्द कर दिया, जिसमें आरोपी कॉन्स्टेबल रंजन कुमार को पुलिस सेवा से बर्खास्त करने के अनुशासनात्मक प्राधिकारी के आदेश को खारिज कर दिया गया था। यह भी पढ़ें- पारा टीचर्स को SC से बड़ी राहत, 50 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर बहाली के निर्देशक्या है पूरा मामला? सुप्रीम कोर्ट के अनुसार,...