नई दिल्ली, अक्टूबर 6 -- रूस के साइबेरिया स्थित इरकुत्स्क क्षेत्र में एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट की एक महिला लैब टेक्नीशियन दर्या शिपिलोवा की संदिग्ध मौत के बाद इलाके में महामारी का खौफ फैल गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, लैब में जांच के दौरान जिंदा बैक्टीरिया वाली टेस्ट ट्यूब टूटने से वह संक्रमित हो गई थीं। हालांकि, रूसी स्वास्थ्य निगरानी संस्था 'रोस्पोट्रेबनादजोर' ने इसे नकारते हुए दावा किया है कि उनकी मौत प्लेग से नहीं, बल्कि अज्ञात निमोनिया से हुई है और नमूनों में कोई घातक रोगाणु नहीं मिला। इसके विपरीत, पड़ोसी राज्य बुरियाटिया के प्रमुख एलेक्सी त्सिदेनोव ने मौत की वजह प्लेग होने की आशंका जताई है। वहीं, रोस्पोट्रेबनादजोर के पूर्व प्रमुख गेनेडी ओनिश्चेंको का कहना है कि यह प्लेग नहीं है और ठंड के कारण संक्रमण का प्रसार संभव नहीं है। यह भी...