मुंगेर, फरवरी 26 -- मुंगेर, निज संवाददाता। रंगों और खुशियों का त्योहार होली करीब है, लेकिन मुंगेर के बाजारों में इस वक्त उत्सव नहीं, बल्कि बीमारी परोसी जा रही है। शहर से लेकर गलियों की अधिकांश छोटी दुकानों तक, मिलावटी खोआ, नकली घी और जानलेवा रसायनों से बने रंगों का जखीरा डंप किया जा चुका है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब जनता की सेहत दांव पर है, तब जिले का खाद्य सुरक्षा विभाग पूरी तरह लापता है। पांच जिलों का बोझ और डेप्युटेशन का खेल: मुंगेर में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का हाल यह है कि, एक ही फूड इंस्पेक्टर के कंधे पर मुंगेर सहित जमुई, लखीसराय, खगड़िया और शेखपुरा पांच जिलों की जिम्मेदारी है। हद तो तब हो गई जब त्योहार के पीक सीजन में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अर्जुन प्रसाद को अररिया में वीआईपी कार्यक्रम के लिए डेप्युटेशन पर भेज दिया गया। अधि...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.