मुरादाबाद, अप्रैल 11 -- मुरादाबाद। न्यूरो फिजिशियन डॉ. तरुण अग्रवाल की मानें तो यह सिर्फ दर्द नहीं है। असल में आपके शरीर में विटामिन, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी मिनरल्स खत्म हो रहे हैं। लेकिन सबसे डराने वाली बात यह है कि यह 'डायबेटिक न्यूरोपैथी' का शुरुआती लक्षण भी हो सकता है। यानी अगर आपके खून में शुगर का लेवल लंबे समय तक बढ़ा हुआ है, तो वह आपकी नसों को अंदर ही अंदर डैमेज कर रहा है, जिससे हाथ-पैर सुन्न होना और झुनझुनी जैसी समस्या शुरू होती है। यह समस्या सिर्फ पैरों तक सीमित नहीं रहती। नसों की यह खराबी आगे चलकर आपके हृदय , पाचन तंत्र और यूरिन सिस्टम को भी अपनी चपेट में ले सकती है। खासकर बढ़ती उम्र के लोगों में यह समस्या अब एक 'साइलेंट किलर' की तरह बढ़ रही है।बचना है तो आज ही बदलें ये आदतेंपानी से दोस्ती करें: डॉ. विजय अग्रवाल कहते हैं...