एटा, नवम्बर 10 -- एटा। जीआरपी थाना 2001 में जिले में रेलवे स्टेशन पर बनाया गया था। जीआरपी थाना में 24 साल बाद चौथा मुकदमा दर्ज हो रहा है। इससे पहले तीन मामले दर्ज हुए थे जिसमें एक व्यापारी की हत्या का भी मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसका जीआरपी पुलिस खुलासा नहीं कर पाई। जिसके बाद मामले की विवेचना कासगंज जीआरपी को सौंपी गई थी वह भी खुलासा नहीं कर पाई थी। ज्यादातर मामलो में एफआर ही लगी है। एक और हत्या का मामला सामने के बाद पुलिस के सामने खुलासे की बहुत बड़ी चुनौती है। बता दें कि 2016 में आगरा से जाते समय जिले के एक व्यापारी रेल कोच में हत्या कर दी थी। कोच मे चेकिंग के दौरान व्यापारी का शव मिला था। काफी दिनों तक मामले की जांच चली। बाद में मामला कासगंज जीआरपी पुलिस को भेज दिया था। जीआरपी कासगंज भी मामले का खुलासा नहीं कर पाई थी। बताया जा रहा है कि उस...
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