गाजीपुर, जून 21 -- गाजीपुर, हिन्दुस्तान टीम। दिनो दिन खेती की लागत बढ़ती जा रही है। किसान आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। ऐसे में किसानों पर सिंचाई का भार कम रहे इसके लिए जिलेभर नहरों के साथ ही राजकीय नलकूप भी लगाए गए हैं। लेकिन जिम्मेदारों की बेपरवाही इसका लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। दर्जनों ऐसे राजकीय नलकूप हैं जो बंद पड़े हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में नलकूप तकनीकी खराबी, विद्युत समस्या और मरम्मत के अभाव में बंद पड़े हैं। फिर भी उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। यही हालत रही तो आगामी धान के सीजन में सिंचाई का संकट पैदा होगा और फसलों के उत्पादन पर असर पड़ेगा। जिले में 841 नलकूप है। एक नलकूप से 250 एकड़ खेत की सिंचाई होती होती है। सिंचाई विभाग का दावा है कि सभी चल रहे हैं लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। बड़ी संख्या में नलकूप किन्ही न किन्ही ...