एटा, मई 12 -- प्रधानमंत्री द्वारा भविष्य में ऊर्जा संकट की ओर किए गए सांकेतिक इशारे और खपत कम करने की चेतावनी ने जिलेवासियों की चिंताएं बढ़ा दी है। हालांकि वर्तमान में जिले के सभी 123 फ्यूल स्टेशनों पर पेट्रोल-डीजल का स्टॉक, आपूर्ति और खपत सामान्य है। यदि आने वाले समय में उपलब्धता या खपत में कमी आती है, तो जिले की रफ्तार पूरी तरह थम सकती है। जिले की 90 फीसदी ग्रामीण आबादी शहर आने-जाने के लिए अभी भी निजी बाइकों, कारों, ट्रैक्टरों, डग्गामार वाहनों पर निर्भर है। रेल सेवाओं के नाम पर जिला केवल एक ब्रांच लाइन से जुड़ा है, जिसका लाभ नाममात्र की आबादी को मिलता है। ऐसे में पेट्रोल-डीजल बचाओ की अपील जिलेवासियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। इसका मुख्य कारण है कि जिले में निजी संसाधनों एवं रोडवेज बसों के अलावा आवागमन का तीसरा कोई सस्ता या भरपूर सार्वजनिक ...