सार्वजनिक नीति में 'मुफ्त' सबसे महंगा शब्द
नई दिल्ली, अगस्त 3 -- चेन्नई। मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने सोमवार को कहा कि 'सार्वजनिक नीति में मुफ्त' सबसे महंगा शब्द है। उन्होंने चेतावनी दी कि लागत से कम कीमत पर सेवाओं के वादे के आधार पर बुनियादी ढांचे का निर्माण करना एक ऐसा विरोधाभास है, जो आखिर में आर्थिक संतुलन को बिगाड़ देता है। नागेश्वरन ने कहा कि उपयोगिता दरों, शहरी विकास और बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण से जुड़ी मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था भारी नुकसान पहुंचा रही है। मुख्य आर्थिक सलाहकार ने रेखांकित किया कि पानी जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं की शून्य दर तय करने से समाज उन्हें असीमित मानने लगता है, जिसके चलते आखिर में बर्बादी और विनाश ही होता है।
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